संस्कारो की जननी भी हमारी माँ ही होती है संस्कार क्या होते है ? यह हमे कभी कभी पूर्व जन्म के कर्मो से भी प्राप्त होते है और कभी जो कुछ हम सुनते ,पढ़ते व देखते है उन्ही सभी मे से जो हमे उचित लगता है और जिसे हमारे बड़ो के द्वारा हमें सिखाया जाता है वही सब बाद में संस्कार रूप मे परिवर्तित हो जाते है .................................
संस्कार का मूल माँ ही है यह तो निर विवाद है क्योकि जो कुछ हम पहले पहल सिखाते है वो सब माँ ही सिखाती है कभी कभी हम और आप देखते और सुनते है कि उसकी माँ बहुत अच्छी थी पर ये तो पता नहीं कहा से ऐसा हो गया ! तब हम इस बात स्वीकार नहीं करते की संस्कार माँ ही देती है क्योकि अगर देती तो वो भी अच्छा होता पर इसको समझने क लिए हमें पूर्व जन्म के संस्कारो की बात करनी होगी और कुछ लोग ये भी कह सकते है कि संस्कार कुछ नहीं होते सब जो कुछ वह करता और यही सीखता .........वही सब उसके व्यवहार मे आ जाता है पर थोड़ी विचार करके देखे तो हकीकत मे सब उसके कुछ पूर्व जन्म , कुछ माँ के और कुछ वह जो उसे हृदय से अच्छा लगता है .........................................................................................................................................क्रमश
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